पाठ्यक्रम :GS 2/अंतर्राष्ट्रीय संबंध
समाचार में
- भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौते (Ind-Aus ECTA) की तीसरी वर्षगांठ मनाई गई।
भारत-ऑस्ट्रेलिया ECTA
- अप्रैल, 2022 में हस्ताक्षरित समझौते ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत किया है, जिससे नए व्यापार मार्ग और व्यावसायिक अवसर सृजित हुए हैं।
- 2023-24 में कुल द्विपक्षीय व्यापार 24 बिलियन अमरीकी डॉलर तक पहुँच गया, जिसमें 2022-23 की तुलना में ऑस्ट्रेलिया को भारत के निर्यात में 14% की वृद्धि हुई।
- पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि की तुलना में अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 तक ऑस्ट्रेलिया को भारत के निर्यात में 4.4% की वृद्धि हुई।
- ECTA से लाभान्वित होने वाले क्षेत्रों में कपड़ा, फार्मास्यूटिकल्स, रसायन, कृषि, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग शामिल हैं।
- कैलक्लाइंड पेट्रोलियम कोक, उच्च क्षमता वाले डीजल जेनरेटिंग सेट और एयर लिक्विफैक्शन मशीनरी जैसी नई निर्यात लाइनें व्यापार के अवसरों का विस्तार दिखाती हैं।
- ऑस्ट्रेलिया से आयात में धातु अयस्क, कपास और लकड़ी के उत्पाद जैसे प्रमुख कच्चे माल शामिल हैं, जो भारतीय उद्योगों के विकास का समर्थन करते हैं।
राजनयिक संबंध
- ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच राजनयिक संबंध 1941 से चले आ रहे हैं, जब सिडनी में भारत का महावाणिज्य दूतावास खोला गया था।
- दोनों देश वार्षिक नेता-स्तरीय शिखर सम्मेलन और अक्सर बहुपक्षीय मंचों पर बातचीत करते हैं (जैसे, क्वाड, G20, पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन)।
- रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए 2+2 प्रारूप (विदेश और रक्षा मंत्री) की बैठकें प्रत्येक दो वर्ष में होती हैं।
- विदेश मंत्रियों की रूपरेखा वार्ता सालाना होती है।
लोगों से लोगों के बीच संपर्क
- लगभग 1 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई भारतीय मूल के हैं, जो विदेशों में जन्मे लोगों का दूसरा सबसे बड़ा समूह है।
- भारत ऑस्ट्रेलिया के कुशल प्रवासियों का सबसे बड़ा स्रोत है और अंतर्राष्ट्रीय छात्रों का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत है।
- ऑस्ट्रेलिया भारत नेतृत्व संवाद और युवा संवाद जैसी सांस्कृतिक और सामुदायिक पहल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करती हैं।
नवीकरणीय ऊर्जा एवं संसाधन
- अक्षय ऊर्जा साझेदारी नवंबर 2024 में शुरू की गई थी और इसका ध्यान सौर, हरित हाइड्रोजन और ऊर्जा भंडारण पर केंद्रित है।
- दोनों देश भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों का समर्थन करने के लिए हरित इस्पात और खनिजों के लिए नई आपूर्ति शृंखलाएँ विकसित कर रहे हैं।
रक्षा संलग्नता
- इसे 2020 के बाद आपसी रसद समर्थन समझौते और संयुक्त सैन्य अभ्यासों के साथ बढ़ाया गया।
- ऑस्ट्रेलिया ने मालाबार अभ्यास की मेजबानी की, भारतीय नौसेना ने 2023 में ऑस्ट्रेलिया के कोकोस द्वीप का दौरा किया।
भविष्य का दृष्टिकोण
- ऑस्ट्रेलिया और भारत आपसी समृद्धि और स्थिर हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए सहयोग को गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
- इस साझेदारी के लगातार बढ़ने, आपसी समृद्धि को बढ़ावा देने और मजबूत वैश्विक अर्थव्यवस्था में योगदान देने की संभावना है।
Source ;PIB
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